कोरोना संक्रमण रोकने की सर्वाधिक उपयुक्त सामग्री के रूप में प्रयुक्त होने वाला मास्क व सैनिटाइजर जिले में ढूंढे नहीं मिल रहा। एक तरफ जहां जिले के लोग मास्क व सैनिटाइजर नहीं मिलने तो कई बाजारों में इनके ज्यादा दाम पर बेचने की अफवाहों ने प्रशासन को परेशान कर रखा है।
कोरोना (कोविड-19) वायरस के संक्रमण को रोकने के लिए फैलाई जा रही जागरूकता में साबुन से हाथ धुलने के अलावा मास्क व सैनिटाइजर का प्रयोग करने की बात कही जाती है। देश के साथ प्रदेश के कई जिलों (अमेठी में अब तक कोई कोरोना पॉजिटिव नहीं) में लगातार बढ़ रहे संक्रमण के बीच जिले की बहुसंख्यक आबादी लोग मास्क व सैनिटाइजर के लिए परेशान है।
आलम यह है कि लोग लॉकडाउन को तोड़कर मेडिकल स्टोरों तक जा रहे हैं और मास्क व सैनिटाजर नहीं मिलने के बाद मायूस होकर वापस लौट रहे हैं। जिले के लोग जिले से मास्क व सैनिटाइजर नदारद होने से तो जिला प्रशासन मास्क व सैनिटाइजर नदारद रहने के अलावा इनके ज्यादा दाम पर बिकने की अफवाहों से परेशान है।
सामान्य स्थिति में मास्क जरूरी नहीं
चिकित्सक डॉ. राजीव सौरभ ने बताया कि सामान्य स्थिति में मास्क लगाने की जरूरत नहीं है। अस्पताल जाने व ऐसे किसी स्थल जाने की स्थिति में ही मास्क लगाएं जहां भीड़ ज्यादा हो। सामान्य स्थिति में मास्क लगाने से सांस लेने में परेशानी हो सकती है। जरूरी है कि आपस में उचित दूरी बनाए रखें। घरों से बाहर नहीं निकलें। साफ-सफाई का विशेष ख्याल रखते हुए साबुन से प्रति एक घंटे के अंतराल पर हाथ जरूर धोएं।